देश का कैसे उत्थान होगा॥
मेरे देश का कैसे मान होगा॥
बढरहा बोराश्ताचार है॥
हो रहा अत्याचार है॥
आम आदमी बेहाल है॥
प्रशासन भी कंगाल है॥
सच का कैसे आजान होगा॥
लीपापोती करके अफसर नोट बनाते है॥
आश्वासन का वादा करके॥
नेता मौज उड़ाते है॥
इनको कैसे फर्क पड़ेगा॥
इनका कैसे ईमान होगा॥
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