बुधवार, 12 अक्टूबर 2011

अवगुण

विद्रोही से विवाद करना॥


हीनता को झलका देना॥


बात को पर्वतो का पुल बना देना...


ये जीवन में अंतर पैदा करते है...


२२२२२२२


कर्तव्यों को झुठला जाना॥


फ़ोकट में मुह बजाना॥


बेबात पर हंसी आना...


बात को न गला पाना॥


गलत संस्कारों की निशानी है॥


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