
अन्ना के हड़ताल से उभर गया अह्दंग॥
रोजय पोल खुलत है रोजय लगत कलंक॥
रोजी लगत कलंक अन्नागिरी काम आई॥
सरकार थोडा सचेत हो तो कुछ हो जायेगी महगाई॥
जनता चैन की सांस लेती नहीं होती जग हंसायी॥
लोकपाल बिल पास होगा यह सन्देश सुनाया है॥
कम होगी महगाई यह भी धरसाया है...
फिर तो ताकतवर बन जायेगी सरकार...
फिर तो शायद ही सहना पड़े फिर हार...
ख़ुशी की शायद देश में उड़े गी फिर पतंग॥
अन्ना के हड़ताल से उभर गया अह्दंग॥
रोजय पोल खुलत है रोजय लगत कलंक॥
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