रात ठण्ड मा सिकुड़ गए है॥
हाथ गोड़ भा पाला॥
सारी रात जलाय के तापे ॥
चार जाने हम आला॥
रात कय ड्यूटी खतरनाक बा॥
दरवाजे पए तैनात॥
सारी मस्ती छूट गय सब कय॥
देखाय दिहिस औकात॥
हेर हेर लड़की हम तापे॥
भूटुरू होय गे लाला॥
गुर गुर काँपे देहिया॥
सुर सुर चले बयार॥
खडा निनारे मा हम ताकी॥
छत न रहा ओसार...
ऐसा बढ़िया मालिक बाटे॥
रात भर जपै माला॥
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