रविवार, 16 फ़रवरी 2014

dil nadan

समझ नहीं पाता हूँ ॥
दिल की जुबान को ॥
कैसे तुम्हे बताऊ ॥
तुम्हारे निशान को ॥
लगता डर हमे ॥
नाराज न हो जाओ ॥
मेरी तस्वीर ले के ॥
तहलका न मचाओ ॥
तुम्ही हमें बता दो ॥
मेरे ईमान को ॥
बदनाम नही करूगा ॥
तुम्हारे नाम को ॥
बचपन से जवानी की ॥
कहानी पढ़ लिया हूँ ॥
महकती काली ओ तुम हो ॥
तुमसे मिल लिया हूँ ॥
अपना तो अब समझ लो ॥
आशिक नादान को ॥

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